(N/A) कार्बनिक यौगिक में,कार्बन और हाइड्रोजन का पता यौगिक को कॉपर$(II)$ ऑक्साइड $(CuO)$ के साथ गर्म करके लगाया जाता है।
$i$. कार्बन का पता लगाना: यौगिक में मौजूद कार्बन का ऑक्सीकरण कार्बन डाइऑक्साइड $(CO_2)$ में हो जाता है,जो कैल्शियम कार्बोनेट के निर्माण के कारण चूने के पानी को दूधिया कर देता है।
अभिक्रिया: $C + 2CuO \rightarrow 2Cu + CO_{2(g)}$
$CO_{2(g)} + Ca(OH)_{2(aq)} \rightarrow CaCO_{3(s)} + H_2O_{(l)}$
$ii$. हाइड्रोजन का पता लगाना: यौगिक में मौजूद हाइड्रोजन का ऑक्सीकरण जल $(H_2O)$ में हो जाता है। इस जल का परीक्षण निर्जलीय कॉपर$(II)$ सल्फेट $(CuSO_4)$ का उपयोग करके किया जाता है,जो जलयोजित कॉपर सल्फेट के निर्माण के कारण नीला हो जाता है।
अभिक्रिया: $2H + CuO \xrightarrow{\Delta} Cu + H_2O$
$5H_2O + CuSO_{4(white)} \rightarrow CuSO_4 \cdot 5H_2O_{(blue)}$